रचना के साथ समय बिताया


Antarvasna, kamukta: मेरी जिंदगी में पूरी तरीके से भूचाल आ चुका था क्योंकि मेरी पत्नी ने मुझे डिवोर्स दे दिया था और मैं बहुत ही ज्यादा परेशान होने लगा था। मैं ज्यादा किसी के साथ भी बातें नहीं किया करता था मैं सिर्फ अपने कमरे में ही रहता। मेरे काम पर भी इसका बहुत ज्यादा फर्क पड़ रहा था क्योंकि मेरी पत्नी ने मुझे डिवोर्स दिया और वह जिस तरीके से मुझसे अलग हो गई उससे मैं बहुत ही ज्यादा परेशान होने लगा था। मैं पूरी तरीके से टूट चुका था लेकिन फिर भी मुझे अपनी जिंदगी में आगे तो बढ़ना ही था और फिर मैंने अपनी नई जिंदगी शुरू की। मैं अब पापा का बिजनेस शुरू कर चुका था पापा का हार्डवेयर का काम है और उनके बिजनेस को ही मैं देखने लगा था। काम तो अच्छा चलता ही था लेकिन पहले मेरा मन उनका काम संभालने का नहीं था परन्तु अब मैं उनके काम में हाथ बढ़ाने लगा था और पूरी तरीके से मैंने हीं अब काम की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी।

मैं अब काम में इतना ज्यादा बिजी रहने लगा कि मुझे अपने लिए भी बिल्कुल वक्त नहीं मिल पाता था। मेरी जिंदगी सही रास्ते पर तो आने लगी थी लेकिन मुझे मेरी पत्नी का दुख अभी तक सताये जा रहा था मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि शादी होने के कुछ समय बाद ही वह मुझे डिवोर्स दे देगी। मैंने कभी भी इस बात की उम्मीद नहीं की थी लेकिन उसने मुझे कुछ समय बाद ही डिवोर्स दे दिया। डिवोर्स देने के पीछे की वजह सिर्फ यही थी कि मेरी पत्नी का किसी और के साथ ही रिलेशन चल रहा था इस बात से मैं बहुत ही ज्यादा दुखी था। मुझे इस बात को समझने में बहुत ही समय लगा लेकिन मैंने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला कर लिया था। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था कि मैंने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है और अब मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। मेरी जिंदगी में सब कुछ ठीक हो चुका था और मैंने कभी भी उम्मीद नहीं की थी कि मेरी जिंदगी में दोबारा से खुशियां वापस लौट आएगी। जब से मेरी जिंदगी में रचना ने कदम रखा तब से मेरी जिंदगी में सब कुछ ठीक होने लगा।

रचना हमारे पड़ोस में रहने के लिए आई थी और उन लोगों का हमारे साथ काफी अच्छा संबंध बन चुका था इसलिए उन लोगो से हमारी काफी अच्छी बात चीत थी। रचना के परिवार को मेरी शादी के बारे में मालूम नहीं था और ना ही मैंने कभी उन्हें इस बारे में बताया था लेकिन उन्होंने भी कभी इस बारे में जानने की कोशिश नहीं की थी। एक दिन मैंने रचना को इस बारे में बताने का फैसला कर लिया था हम दोनों के बीच ऐसा तो कुछ भी नहीं था लेकिन फिर भी मैं चाहता था कि मैं रचना को इस बारे में बता दूं। मैंने उस दिन रचना को अपने बारे में सब कुछ बता दिया और कहा कि मेरी शादी हो चुकी थी।

मैंने उसे अपनी शादी के टूट जाने की वजह भी बता दी तो रचना को मुझसे हमदर्दी होने लगी और उसके दिल में मेरे लिए और भी ज्यादा प्यार बढ़ने लगा था इसलिए वह मेरे साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करती थी। हम दोनों जब भी साथ में होते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता मुझे बहुत ही अच्छा लगता था जब भी रचना और मैं साथ में समय बताया करते थे। एक दिन हम दोनों साथ में ही बैठे हुए थे उस दिन हम दोनों बात कर रहे थे मैंने रचना को कहा कि रचना हम लोगों को कहीं साथ में घूमने का प्लान बनाना चाहिए। रचना ने मुझे कहा कि कल तो मेरे मामा जी घर पर आ रहे हैं इसलिए शायद मुश्किल हो पाएगा लेकिन कुछ दिनों के बाद हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं।

रचना भी मेरी बात मान गई और मैं भी इस बात से बड़ा खुश था कि रचना मेरी बात मान चुकी है। हालांकि अभी भी हम दोनों के बीच प्यार जैसी कोई भी चीज नहीं थी लेकिन फिर भी रचना मेरा हमेशा ही साथ दिया करती। मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हारे साथ कहीं घूमने के लिए जाना चाहता हूं तो वह मेंरी बात मान चुकी थी। अगले दिन उसके मामा जी और उनके कुछ रिश्तेदार उनके घर पर आए हुए थे मुझे नहीं मालूम था कि वह लोग रचना के रिश्ते की बात करने के लिए आए हुए हैं। जब रचना मुझे मिली तो रचना ने मुझे इस बारे में बताया और कहने लगी कि उसके मामा जी ने उसके लिए एक लड़का देखा है।

रचना के चेहरे पर बहुत ही ज्यादा परेशानी नजर आ रही थी और रचना ने उस दिन मुझे अपने दिल की बात कह दी। मैंने रचना से कहा कि मैं भी तुमसे प्यार करता हूं तो रचना भी इस बात पर खुश हो गई। मैंने कभी भी उम्मीद नहीं की थी की रचना और मैं एक दूसरे को इतना प्यार करने लगेंगे कि हम दोनों एक दूसरे के बिना रह भी नहीं पाएंगे लेकिन अब मेरे लिए यह मुसीबत थी कि रचना के परिवार से मैं किस तरीके से बात करूं। मेरे अंदर बिल्कुल भी हिम्मत नहीं थी क्योंकि मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी को किसी के साथ भी शेयर नहीं करना चाहता था लेकिन रचना ने मुझे कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो तुम पापा और मम्मी से बात करना। मैंने रचना से कहा कि तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो। मैंने रचना के परिवार वालों से बात करने का तो फैसला कर ही लिया था लेकिन मुझे थोड़ा समय चाहिए था।

अब वह समय नजदीक आ चुका था जब मैंने रचना के माता-पिता से इस बारे में बात करने का फैसला कर लिया था लेकिन उससे पहले मैंने अपनी फैमिली से इस बारे में बात की तो उन्हें कोई भी परेशानी नहीं थी। मेरे परिवार वाले रचना को तो अच्छे से जानते ही थे और रचना का हमारे घर पर अक्सर आना जाना भी लगा रहता था जिस वजह से उन्हें रचना से कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन मुझे लगा कि मुझे थोड़ा समय और देना चाहिए। मैंने जब रचना से इस बारे में बात की तो रचना ने भी कहा कि हां तुम थोड़े समय बाद पापा मम्मी से बात कर लेना। हम दोनों का रिलेशन अच्छे से चल रहा था और हम दोनों बड़े खुश थे कि हम एक दूसरे को प्यार करते हैं। रचना और मेरी मुलाकात हमेशा होती ही रहती थी। जब भी हम दोनों मिलते हम दोनों का बड़ा ही अच्छा लगता।

मै रचना के साथ समय बिताता तो मुझे बड़ी खुशी होती थी। एक दिन हम दोनो साथ में थे उस दिन उसके घर पर कोई भी नहीं था। उसने मुझे अपने घर पर बुलाया था मैंने रचना को कहा रचना मेरे लिए तुम चाय बना देना। रचना मेरे लिए चाय बनाने लगी मैंने रचना से कहा आज घर पर कोई भी नजर नहीं आ रहा है? वह मुझे कहने लगी आज पापा मम्मी मामा जी के घर गए हुए हैं। मैंने रचना से कहा चलो तुम मेरे लिए चाय बना देना। रचाना ने मेरे लिए चाय बनाई उसके बाद हम दोनों साथ में बैठे हुए थे हम लोग आपस मे बातें करने लगे थे। मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था जब रचना और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे।

हम दोनों ने एक दूसरे से काफी देर तक बात की फिर मैं और रचना एक दूसरे के करीब आकर बैठे। मैं अपने आप पर काबू ना कर सका मैं उसके गुलाबी होठों को चूमने लगा था। मैं रचना के गुलाबी होठों को चूमने लगा था मुझे अच्छा लग रहा था और उसे भी बड़ा मजा आने लगा था जिस तरीके से मैं उसके गुलाबी होंठों को चूस रहा था उसकी गर्मी को मै बढ़ाए जा रहा था वह पूरी तरीके से गर्म होती जा रही थी। रचना की गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी मैंने रचना के बदन से उसके कपड़े उतार कर जब उसे मैंने नग्न अवस्था में देखा तो मैं अपने आप पर काबू ना कर सका और मैं रचना की ब्रा को खोल कर उसके स्तनों को दबाने लगा। मुझे मज़ा आने लगा रचना को भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से मैं उसकी ब्रा को उतार कर उसके स्तनों को दबाने लगा था।

मैंने काफी देर तक उसके स्तनों को दबाया फिर मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उन्हें चूसना शुरू कर दिया था। उसके स्तनों को चूसने में मुझे मजा आ रहा था और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से मैं उसके स्तनों का रसपान कर रहा था। मैं उसकी गर्मी को बढ़ा रहा था काफी देर तक मैंने उसके स्तनों का रसपान किया तब मुझे एहसास होने लगा मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाऊंगा। मैंने जब रचना की चूत पर अपनी जीभ को लगाया तो वह तड़पने लगी।

वह मुझे कहने लगी तुम मुझे इतना मत तड़पाओ। मैंने रचना के दोनों पैरों को खोल दिया उसकी चूत पर मैंने अपनी जीभ का स्पर्श किया तो वह गर्म होने लगी और कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। रचना की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ती जा रही थी वह बहुत ही ज्यादा गरम हो चुकी थी। अब वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी और ना ही मैं अपने आपको रोक पा रहा था इसलिए मैंने रचना की चूत पर अपने लंड को लगाकर अंदर की तरफ डालना शुरू किया।

जैसे ही मेरा मोटा लंड रचना की योनि के अंदर गया तो मैं उसे कहने लगा मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के देने लगा था उसकी योनि से खून निकलने लगा था मुझे मजा आने लगा था। यह पहली बार ही था जब हम दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध बना रहे थे हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी देर तक संबध बनाते रहे।

जब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होने लगे मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और ना ही रचना अपने आपको रोक पा रही थी। मैंने रचना से कहा मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा हूं। रचना मुझे कहने लगी तुम मेरी योनि के अंदर अपने माल को गिरा दो। रचना को यह मालूम था मेरा वीर्य बाहर की तरफ निकलने वाला है इसलिए उसने अपने दोनों पैरों को आपस में मिला लिया।

मैं उसको बड़ी ही तेजी से चोद रहा था उसका पूरा शरीर हिलता जा रहा था और मेरा वीर्य भी बाहर आने को था। जैसे ही मेरा वीर्य बाहर की तरफ आया तो मैंने उससे कहा मुझे मजा आ गया। रचना मुझे कहने लगी आज तो मुझे भी बड़ा मजा आ गया रचना की योनि से अभी भी मेरा वीर्य बाहर  निकल रहा था। जिस तरीके से मैंने और रचना ने एक दूसरे के साथ में शारीरिक सुख का मजा लिया था उस से मै बडा ही खुश था। उसके बाद भी हम दोनो एक दूसरे के साथ में सेक्स का मजा लेते रहते थे।


error:

Online porn video at mobile phone


muslman sexmeri chut chudai kahanisexy hot chudai ki kahanigulabi chootsexy chut lund storyhindi archana sexyy storychachi ki chodai ki kahaniaunty ki gand mari sex storysek sas buha storydasi khaninepal ki chootantarvasna sex khaniwife sex story in hindisex stories with picschudai ki kahanniyaअंतरवाशना भाभी की चूत पैसो पर चुदवायाhindi choot ki chudaihinde sex storetrain chudai storydidi ki nanad ki chudaisex devar bhabhi videobhabhi ki chdaisexy adult kahaniyavidhwa bhabhi ki gand marihotel me didi ki chudaiहिंदी सेक्सी स्टोरीजhindi sexcichudai randi kahanichoot lene ke tarikehow to fuck hindidevar ne bhabhi ko chodanew bhabhi ki chudai storyNew chudai kahani dekhiboor chudai storychudai mmsbhabhi sex deverbhabhi boy sexmaa ko choda hindi sexy storiesaunty sexy chudaibeta sexhindi sax storayjija sali ka sex videohindi xossipsali ko zabardasti chodasexyhindistorylund chut story hindisex bp hindireal indian sex story hindi newbhai bahan sex story in hindiसाड़ी पे मुठी मारिApni.badi.sali.ki.chudai.ki.khaniya.hindiland bur me lene bali sachi kahaniya hindi mesexy aunty ki chudai kahanidesi sex 18chachi ki ladki chudaigaram sexygaram auntydesi secxsuhagrat first timepati patni ki suhagraatSexy bhabhi ki chut gand fadisavita bhabhi sexy story in hindichut ki khudaiPati k samne meri chudai storyland chut bhosdadesi jabardasti chudai videogand m lend lene ki pyasi aanti gels indiya sex mp3.com xxx sexsexi muvismusalman ki chudailong chudai storymaa ki moti gandbhabhi ki chudai sexy kahanibhai ne bhai ki gand marigarma garam chutforeign chudaiboobs chusna